हिसार: 2 फरवरी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के नेहरू पुस्तकालय में तीन दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज बतौर मुख्यातिथि रहे।
प्रो. काम्बोज ने कहा कि पुस्तकें इंसान की सच्ची मित्र होती हैं। इसलिए इनके गहन अध्ययन से न केवल मन को एकाग्रता मिलती है बल्कि व्यक्ति का मानसिक व अध्यात्मिक विकास भी होता है। पुस्तकों के नियमित अध्ययन से ज्ञान में वृद्धि होती है, स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ती है तथा सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। इससे भाषा कौशल और शब्दावली में भी सुधार होता है। पुस्तक पढऩा तनाव को कम करता है, मन को शांत रखता है और मानसिक थकान दूर करता है, जिससे अच्छी नींद और बेहतर स्वास्थ्य में सहायता मिलती है। पुस्तकें व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हममें से कई लोगों को अपने खाली समय में या सोने से पहले किताबें पढऩे की आदत होती है क्योंकि पढऩे से अवांछित तनाव पर काबू पाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा हर साल नई पुस्तकें बाजार में आ रही हैं। पुस्तक प्रदर्शनी में पुस्तक प्रेमियों को एक छत के नीचे विभिन्न प्रकाशकों के प्रकाशनों को देखने व खरीदने का सुअवसर प्राप्त होता है।
विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों का महत्व
कुलपति प्रो. काम्बोज ने बताया कि पुस्तकें विद्यार्थियों को दुनिया के बारे में नई जानकारी, विचार और तथ्य प्राप्त करने में मदद करती हैं। प्रत्येक छात्र को निश्चित रूप से पुस्तकें पढऩे की आदत डालनी चाहिए। पुस्तकें सिर्फ प्रतियोगी जीवन की ही साथी नहीं है बल्कि यह जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर हमारा मार्गदर्शन करती हैं। इसके साथ पुस्तकें जीवन में निर्णय लेने की कला सिखाती हैं। पुस्तकें विद्यार्थियों को एक नेकदिल इंसान बनने के लिए भी प्रेरित करती हैं। नैतिकता और मूल्यों से संबंधित अच्छी पुस्तकें पढऩा विद्यार्थियों को अच्छे गुणों से समृद्ध करता है।
पुस्कालयाध्यक्ष डॉ. राजीव पटेरिया ने तीन दिवसीय प्रदर्शनी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में एग्रीकल्चरल साइंसेज, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, एग्री-बिजनेस, एलाइड साइंसेज, फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, होम साइंस, फिशरीज व जनरल नॉलेज इत्यादि की पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया है। जिसमें आठ प्रसिद्ध पब्लिशर्स हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर कुलसचिव सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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