हिसार, 6 फरवरी।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के पादप रोग विभाग की स्नातकोत्तर छात्रा पूजा ने अपने शोध कार्य से विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। पूजा का शोध पत्र विश्व की प्रतिष्ठित और उच्च प्रभावांक (इम्पैक्ट फैक्टर 15.8) वाली अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘फूड केमिस्ट्री’ में प्रकाशित हुआ है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने शोध दल के सभी सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य न केवल विश्वविद्यालय की साख बढ़ाते हैं, बल्कि किसानों की समस्याओं के समाधान में भी सहायक साबित होते हैं। उन्होंने शोध से प्राप्त परिणामों को पेटेंट या व्यावसायिक उत्पाद के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि हरियाणा के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।
पूजा ने यह शोध कार्य पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत चौहान के मार्गदर्शन में अपने स्नातकोत्तर अध्ययन के दौरान पूरा किया। उनका शोध आलू में फ्यूजेरियम नामक कवक से होने वाले सड़न रोग पर आधारित रहा, जिसका हरियाणा की परिस्थितियों में पहली बार वैज्ञानिक रूप से अध्ययन किया गया है। यह रोग विशेष रूप से कोल्ड स्टोरेज के दौरान गंभीर रूप ले लेता है और लगभग 60 प्रतिशत तक नुकसान का कारण बन सकता है।
शोध के दौरान हरियाणा के प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्रों से नमूने एकत्र किए गए। इसके साथ ही इस रोग के प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न लाभकारी सूक्ष्म जीवों तथा कृषि अवशिष्ट पदार्थों के अवयवों का प्रयोग किया गया, जिनके परिणाम काफी उत्साहजनक पाए गए।
अपने इस शोध कार्य के आधार पर पूजा ने दो अन्य शोध पत्र और एक समीक्षा शोध पत्र भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित किए हैं, जो उनकी वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाता है।
इस अवसर पर अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रमेश गोयल, मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य, पादप रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश चुघ सहित डॉ. अनिल सैनी, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. अंकित कुमार तथा शोधार्थी पूजा उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन:
कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज के साथ शोधार्थी पूजा एवं अन्य वैज्ञानिक।
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