हिसार: 30 जनवरी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा आरती खिप्पल का टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, जापान में पीएचडी के लिए चयन हुआ है। इस दौरान छात्रा का सारा खर्च टोक्यो यूनिवर्सिटी द्वारा वहन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने छात्रा को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। कुलपति ने बताया कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय विश्व स्तर के विश्वविद्यालयों में शुमार है। विश्वविद्यालय के अनेक विद्यार्थी न केवल विदेशों में पढ़ाई के लिए जाते हैं बल्कि विदेशों से भी अनेक छात्र यहां पर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आरती का दाखिला पीएचडी के लिए हकृवि और टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, जापान के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के तहत हुआ है। आरती बायोटेक कॉलेज की पहली छात्रा है जिसका इस प्रोग्राम के अंतर्गत चयन हुआ है। पीएचडी के दौरान पढ़ाई व रहने का शुल्क टोक्यो यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर, जापान द्वारा वहन किया जाएगा तथा छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।
ज्ञात रहे कि कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज हाल ही में जापान का दौरा करके आए हैं। उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और इंटरंशिप के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
स्नातकोत्तर शिक्षा अधिष्ठाता डॉ. रमेश यादव ने बताया कि आरती इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के अंतर्गत मॉलिक्यूलर साइटोजेनेटिक्स विषय पर शोध करेंगी। उनके शोध कार्य का मार्गदर्शन प्रो. इरीए केनजी तथा डॉ. बाबिल द्वारा किया जाएगा। आरती ने अपनी स्नातकोत्तर शिक्षा आणविक जीवविज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सह प्राध्यापक डॉ. शिखा यशवीर के मार्गदर्शन में पूरी की है। स्नातकोत्तर में आरती ने गेहूं में रतुआ रोग के विरुद्ध प्रतिरोध प्रदान करने वाले जीन की पहचान पर सफलतापूर्वक शोध किया। उनका यह शोध भविष्य में रोग प्रतिरोधी गेहूँ की किस्म के विकास और क्रॉप इम्प्रूवमेंट में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
आरती ने बताया कि वह जींद (हरियाणा) की रहने वाली है। उनके पिता सुशील कुमार एक व्यवसायी है जबकि माता संदीप देवी एक ग्रहणी है। आरती ने अपनी सफलता का श्रेय कुलपति के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं के साथ-साथ अपने चाचा संदीप खिप्पल, माता-पिता व शिक्षकों को दिया है। इस उपलब्धि के लिए आरती ने अपने मार्गदर्शक अंतरराष्ट्रीय सैल की प्रभारी डॉ. आशा क्वात्रा तथा डॉ. मंजूनाथ का भी आभार व्यक्त किया।
स्नातक शिक्षा के दौरान आरती ने यूनिवर्सिटी लेवल पर भी उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया था। उनकी विशेष रुचि जीनोम एडिटिंग, जीन अध्ययन और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी टेक्नीक्स में है। भविष्य में आरती का लक्ष्य एक वैज्ञानिक बनकर कृषि सुधार और अनुसंधान के क्षेत्र में योगदान देना है।
इस अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. केडी शर्मा, मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य व डॉ. नवीन कौशिक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज के साथ चयनित छात्रा व अधिकारी
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